इस बिहारी युवक के नाम है कई रिकॉर्ड, सेंकेंड में बता देता है हजारों साल पुराना कैलेंडर

एक बिहारी सब पर भारी

पटना :  बिहार के रोहतास जिले के नोखा के रहने वाले डीके सिंह के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। सिंह चंद सेकंड में हजारों साल पुराना कैलेंडर के दिन और डेट पूछने पर बता देते हैं। पेरिओडिक टेबल के एटोमिक मास के दशमलव के तीन अंकों के बाद तक याद करने का एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड भी बनाया हैं।

वहीं अनंत वर्ष के कैलेंडर को तीन लाइन में खोजने के लिए इनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।  डीके सिंह ने बताया कि टीवी पर किसी सवाल का जवाब तुरंत बताने वाले कौटिल्य और गुगल बॉय के नाम से बच्चे फेमस है। उनके जैसे हर किसी के बच्चे हो सकते हैं। यह बच्चे ट्रेनिंग के माध्यम से यह सब करते है। ऐसा नहीं होता है कि कोई बच्चा जन्म के दौरान सीखकर एक्सपर्ट हो जाए। कोई भी 10 साल से लेकर बड़ा व्यक्ति एक ट्रेनिंग से एक सप्ताह के अंदर कोई भी जीके सवाल से लेकर सैकड़ों साल पुराना कैलेंडर को बता सकता है।

ट्रेनिंग से बिना देखे बच्चा बता सकता है कि किस रंग का कौन सा समान है और किस जगह पर है। डीके सिंह ने बताया कि मैंने देश के हजारों बच्चों को मेमोरी ऑफ माइंड का ट्रेनिंग दिया है। ट्रेनिंग वाले बच्चे चंद सेकंड में जीके के सवाल से लेकर सैकड़ों साल पुराना कैलेंडर का दिन बता देते हैं। ट्रेनिंग से बच्चों का दिमाग विकसित होता है।

डीके सिंह को पढ़ने और लिखने का काफी शौक है। जिसे कारण कई किताबें लिख चुके हैं। सैकड़ों मोबाइल नंबर को एक बार में सुनकर याद कर लेते हैं और पूछने पर बता देते हैं। कम्पलीट एचसी हार्डविक डिक्शनरी को पेज नंबर सहित याद किए हैं।

डीके सिंह ने बताया कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को ट्रेनिंग देने में जुटे हैं। रोहतास, दरभंगा, समेत बिहार के कई जिलों में बच्चों की ट्रेनिंग दे चुके हैं। कई जिलों को लेकर बातचीत चल रही है। कई स्कूल वाले भी संपर्क में है कि अपने यहां के बच्चों को मेमोरी ऑफ माइंड का ट्रेनिंग दिला सकें।

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