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अगर खुद इस्तीफा देता तो ऊंचाई पर होता- नितीश का तेजस्वी पर पहला पलटवार

राजनीति

नीतीश कुमार ने पहली बार आज तेजस्वी यादव पर सीधी टिपण्णी की। जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद खुले अधिवेशन में नीतीश कुमार ने कहा कि यदि वह खुद इस्तीफा दे देता तो ऊंचाई पर चला जाता। लेकिन ऐसा नहीं किया। मैंने तो कहा था कि जनता के सामने प्वाइंट टू प्वाइंट एक्सप्लानेशन दीजिए,वह भी नहीं किया। दरअसल एक्सप्लानेशन देने लायक कुछ था ही नहीं।

कैबिनेट में नम्बर दो के आदमी पर बेनामी सम्पत्ति अर्जित करने का आरोप लगा। सीबीआइ ने मामला भी दर्ज कर लिया था। मैं कैसे चुप रहता। लोग मुझसे सवाल पूछने लगे थे। आप तो करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, अब क्यों नहीं सख्ती दिखाते।

क्या मैं अपनी पहचान से समझौता कर लेता ? क्या सब कुछ समझ बूझ कर खामोश रहता ? क्या महागठबंधन को इसी लिए जनादेश मिला था ? जनादेश मिला था काम करने के लिए। धन-दौलत जमा करने के लिए नहीं। क्या इस पर मैं पर्दा डाल देता ?




इस्तीफा

जनादेश का अपमान तो राजद ने किया। परिवारवाद और करप्शन ने जनता के फैसले को निरर्थक बना दिया। लालू परिवार पर हमला करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राजनीति में मेरा अपना कुछ नहीं है। जो भी है जनता का है। मालूम हो कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार राजनीति से दूर हैं। नीतीश के परिवार का कोई व्यक्ति राजनीति में नहीं है।




जब कि लालू यादव के दो पुत्र मंत्री थे, बड़ी पुत्री राज्यसभा की सदस्य बन गयीं। पत्नी राबड़ी देवी विधान पार्षद हैं। यानी एक ही परिवार से चार सदस्य विधायक या सांसद हैं।
नीतीश ने कहा कि मैं महागठबंधन विधायक दल का नेता था। मैं किसी की कृपा से विधायक दल का नेता नहीं बना था। मेरे नाम पर महागठबंध ने चुनाल लड़ा था।

जदयू के भी 71 विधायक थे। अगर जदयू नहीं चाहता तो क्या महगठबंधन की सरकार बन सकती थी ? लेकिन इसके बाद भी मुझे अपमानित किया गया। मैं मंच पर बैठा रहता और राजद के नेता कहते थे कि नीतीश सीएम बने रहेंगे। या फिर कहा जाता कि बड़ी पार्टी होने का बाद भी राजद ने नीतीश को सीएम बना दिया। यह सब सुनना मेरे लिए अपमानजनक था। क्या महागठबंधन इसी तरह चलता है ?









मैं किसी की कृपा पर जीने वाला आदमी नहीं। जब मुझे लगा कि अब में यह सरकार नहीं चला सकता तो मैंने खुद इस्तीफा कर दिया।
अब जब सत्ता हाथ से चली गयी है तो ये लोग छटपटा रहे हैं। हताशा में अनर्गल बयान दे रहे हैं। राजद के लोग हंगमा कर रहे हैं। लड़ाई करने पर उतारू हैं।

वे जदयू को भी लड़ाई के लिए उकसा रहे हैं। लेकिन जदयू लड़ने झगड़ने वाला दल नहीं है। वे मुझे जितनी गालियां देंगे मेरे समर्थन का दायरा उतना बढ़ेगा। नीतीश कुमार ने आज तेजस्वी यादव और लालू यादव पर जम कर हमा बोला।




नीतीश कुमार







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