इजरायल ने कहा-चंद्रमा तक पहुंचने के लिए ISRO को बधाई, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

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New Delhi : चंद्रयान-2 का चांद पर उतरने से ठीक पहले संपर्क टूट गया और वैज्ञानिक परेशान हो उठे। मिशन चंद्रयान-2 को सफल बनाने के लिए ISRO वैज्ञानिकों ने दिन रात एक कर दिया था। कई कई रातें उन्होंने जागकर गुजारीं। कई वैज्ञानिक तो कई दिनों से अपने घर तक नहीं गए। आज पूरा देश उन्हें सलाम कर रहा है। ISRO वैज्ञानिकों ने देश को बहुत कुछ दिया है।

वहीं, इजरायल ने ISRO और भारत को मिशन चंद्रयान-2 के लिए बधाई दी है। इजरायल ने कहा है कि चंद्रमा तक पहुंचने के लिए ISRO और भारत को बधाई। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ISRO पर बोलते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि हमारे ISRO वैज्ञानिक महान हैं। आज नया सूरज निकला है, चांद को फिर पकड़ेंगे। अमिताभ ने कहा कि हम मात्र 2KM की दूरी से रह गए। हर हार एक जीत की शुरूआत होती है।

अभिनेता अक्षय कुमार ने  इसरो को सलाम किया है।  अक्षय कुमार ने कहा कि विज्ञान में प्रयोग तो होता ही है। ISRO को करोड़ों देशवासी सलाम कर रहे हैं। जल्द ही चंद्रयान3 हमें चांद पर लेकर जाएगा

BJP सांसद गौतम गंभीर ने कहा  है एक असफलता आपकी लाखों उपलब्धियों को छिपा नहीं सकती। हमारे इसरों वैज्ञानिकों पर हमें गर्व है। आज नहीं तो कल हम चांद पर उतरेंगे।  सनी देओल ने ISRO के वैज्ञानिकों पर गर्व करते हुए कहा कि हमने कनेक्शन खोया है उम्मीद नहीं। हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया है और उन्होंने इसरो के कंट्रोल सेंटर से देश को भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम निश्चित रूप से सफल होंगे। इस मिशन के अगले प्रयास में भी और इसके बाद के हर प्रयास में भी कामयाबी हमारे साथ होगी। पीएम ने कहा कि हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है, कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती हैं। ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है। विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं।

मैं सभी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के परिवार को भी सलाम करता हूं। उनका मौन लेकिन बहुत महत्वपूर्ण समर्थन आपके साथ रहा। हम असफल हो सकते हैं, लेकिन इससे हमारे जोश और ऊर्जा में कमी नहीं आएगी। हम फिर पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ेंगे। ये आप ही लोग हैं जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर भारत का झंडा फहराया था। इससे पहले दुनिया में ऐसी उपलब्धि किसी के नाम नहीं थी। हमारे चंद्रयान ने दुनिया को चांद पर पानी होने की अहम जानकारी दी।

विज्ञान में हर प्रयोग हमें अपने असीम साहस की याद दिलाता है। चंद्रयान-2 के अंतिम पड़ाव का परिणाम हमारी आशा के अनुसार नहीं रहा, लेकिन पूरी यात्रा शानदार रही है। अपने वैज्ञानिकों से मैं कहना चाहता हूं कि भारत आपके साथ है। आप सब महान प्रोफेशनल हैं जिन्होंने देश की प्रगति के लिए संपूर्ण जीवन दिया और देश को मुस्कुराने और गर्व करने के कई मौके दिए। आप लोग मक्खन पर लकीर करनेवाले लोग नहीं हैं पत्थर पर लकीर करने वाले लोग हैं। साथियों मैं कल रात को आपकी मनस्थिति को समझता था। आपकी आंखें बहुत कुछ कहती थीं। आपके चेहरे की उदासी मैं पढ़ पाता था। ज्यादा देर मैं आपके बीच नहीं रुका। कई रातों से आप सोए नहीं हैं। फिर भी मेरा मन करता था, कि एक बार सुबह आपको फिर से बुलाऊं। आपसे बातें करूं। इस मिशन के साथ जुड़ा हुआ हर व्यक्ति अलग ही अवस्था में था, बहुत से सवाल थे। बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ते गए। अचानक सबकुछ नजर आना बंद हो गया है। मैंने भी उस पल को आपके साथ जिया है।


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