आत्मनिर्भर बिहार के लिए सात निश्चय-2 के लिए बजट में होगा प्रावधान, इसी साल काम भी शुरू: नीतीश

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के लिए सात निश्चय-2 की योजनाओं के लिए आम बजट में राशि का प्रावधान किया जाएगा। इसके संदर्भ में कई योजनाएं बनायी गई हैं, जिनका प्रावधान बजट सत्र में पेश होने वाले आम बजट में होगा। सात निश्चय-2 की योजनाओं पर वर्ष 2021 में ही काम भी शुरू हो जाएगा। इसको लेकर योजनाओं से संबंधित सभी चीजों का सर्वेक्षण कराया गया है।

 

जदयू मुख्यालय में आयोजित कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह के बाद पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के बारे में पहले से कोई स्पेसिफिक बात नहीं बतायी जाती है। लेकिन, इतना कह सकता हूं कि बिहार के विकास को आगे बढ़ाने वाला बजट पेश होगा। बजट की सारी तैयारियां की जा रही हैं। विधानसभा एवं विधान परिषद का जो सत्र प्रारंभ होगा उसके संबंध में कैबिनेट का निर्णय हो चुका है। सारी चीजें नियत समय पर होंगी। स्वाभाविक है इस साल का सप्लिमेंट्री (अनुपूरक) बजट भी आएगा। 

पहले के बचे हुए विकास के काम पूरे किए जाएंगे
उन्होंने कहा कि पहले के बचे हुए विकास के काम पूरे किए जाएंगे। सात निश्चय में जो कुछ काम बचे हुए हैं उनको पूरा किया जाएगा। इसके अलावा हर घर नल का जल समेत अन्य बचे हुए विकास के कार्यों को भी पूरा किया जाएगा। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बनायी गई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। 

हम कर्पूरी के विचारों को जमीन पर उतारने को प्रयत्नशील 
इससे पूर्व जदयू द्वारा आयोजित कर्पूरी जयंती समारोह को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को ज़मीन पर उतारने के लिए हम प्रयत्नशील हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, लोकनायक जय प्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया,  जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों से हमलोग प्रेरित होकर काम कर रहे हैं। हमलोगों ने न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर काम करते हुए हर इलाके और हर तबके का विकास किया है। हाशिए पर रह रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष पहल की गई। पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे समाज के हर तबके की महिलाएं जनप्रतिनिधि के तौर पर जनसेवाओं से जुड़ीं। अतिपिछड़ों को अनुसूचित जाति, जनजाति की तरह ही उद्योग लगाने, शिक्षा प्राप्त करने एवं अन्य कई क्षेत्रों में सुविधाएं दी जा रही हैं। 
वचन देता हूं, जबतक हम हैं, लोगों की सेवा करते रहेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ सत्ता का सुख लेना चाहते हैं। हमारे लिए सत्ता का बस एक मतलब है और वो है सेवा। लोगों की सेवा करना ही हमारा धर्म है। मैं वचन देता हूं, जब तक हम हैं, लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी नीतियां बनायीं उसका लाभ सबको मिला है। सरकार में आने के पहले ही दिन से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समाज, अतिपिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं।

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